नई दिल्ली। अडाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अडाणी ने शुक्रवार को ऐलान किया कि उनका समूह अगले 10 वर्षों में पूर्वोत्तर भारत में 50,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करेगा। यह निवेश फरवरी 2025 में असम में घोषित 50,000 करोड़ रुपये के निवेश के अतिरिक्त होगा। इस तरह समूह की कुल प्रतिबद्धता अब एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
गौतम अडाणी ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित ‘राइजिंग नॉर्थ ईस्ट इन्वेस्टर्स समिट 2025’ के दौरान इस निवेश योजना की घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह निवेश ग्रीन एनर्जी, सड़क निर्माण और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा, जिससे पूर्वोत्तर में अडाणी समूह की मौजूदगी और मजबूत होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में अडाणी ने कहा, “तीन महीने पहले हमने असम में 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी। यह निवेश स्मार्ट मीटर, हाइड्रो पंप स्टोरेज, विद्युत पारेषण, सड़क और राजमार्ग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और स्किलिंग एवं वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर्स के विकास में किया जाएगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि इन पहलों का मकसद स्थानीय रोजगार, उद्यमिता और समुदायों को सशक्त बनाना है, जो विकसित भारत 2047 की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। गौतम अडाणी ने कहा, “पिछले एक दशक में पूर्वोत्तर की पहाड़ियों और घाटियों ने भारत की विकास गाथा में एक नया अध्याय जोड़ा है। यह क्षेत्र अब हमारी सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक संभावनाओं और रणनीतिक दिशा का केंद्र बन गया है।”