वॉशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगभग एक वर्ष पहले पदभार संभालने के बाद से अमेरिका ने अब तक एक लाख से अधिक वीजा रद्द किए हैं। यह जानकारी अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को दी। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि रद्द किए गए वीजा में लगभग 8,000 छात्र वीजा और 2,500 विशेष श्रेणी के वीजा शामिल हैं। ये वे मामले हैं, जिनमें संबंधित व्यक्तियों का आपराधिक गतिविधियों के चलते अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों से सामना हुआ था।
मंत्रालय ने कहा, “अमेरिका को सुरक्षित रखने के लिए ऐसे लोगों को निर्वासित करने की कार्रवाई जारी रहेगी।” रिपोर्ट के अनुसार, अधिकतर वीजा व्यापार और पर्यटक श्रेणी के थे, जिन्हें वीजा अवधि से अधिक समय तक देश में रहने के कारण रद्द किया गया ।बताया गया कि हाल के महीनों में छात्र वीजा की जांच प्रक्रिया को और सख्त किया गया है। इसी कारण बड़ी संख्या में छात्र वीजा रद्द हुए हैं। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2025 में कुछ नई सोशल मीडिया स्क्रीनिंग शर्तें लागू की गई थीं, जिनका उद्देश्य गाजा में इजरायल की कार्रवाई के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों की पहचान करना था।
मई के अंत में अमेरिकी विदेश विभाग ने दुनियाभर के दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को छात्र वीजा के नए साक्षात्कार अस्थायी रूप से रोकने का निर्देश दिया था। इसके बाद जून में सभी छात्र वीजा आवेदकों की सोशल मीडिया और ऑनलाइन गतिविधियों की जांच अनिवार्य कर दी गई। गौरतलब है कि यह सख्ती केवल छात्र वीजा तक सीमित नहीं है। अगस्त में अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया था कि 5.5 करोड़ से अधिक अमेरिकी वीजा धारकों के रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही है, ताकि निर्वासन योग्य उल्लंघनकर्ताओं की पहचान की जा सके। यह कदम अमेरिका की कड़ी आव्रजन नीति का हिस्सा माना जा रहा है।
