
नई दिल्ली। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत निदेशक राज कुमार अब आईडीबीआई बैंक के बोर्ड का हिस्सा नहीं हैं। 18 मई 2025 को उनका कार्यकाल समाप्त हो गया, जिसके साथ ही उन्होंने बैंक के निदेशक मंडल से पदमुक्ति ले ली। इस जानकारी की पुष्टि आईडीबीआई बैंक ने सोमवार को शेयर बाजार को दी गई एक नियामक फाइलिंग के माध्यम से की।
राज कुमार के कार्यकाल की समाप्ति के साथ ही वह एलआईसी की ओर से नामित निदेशक के पद पर भी नहीं रहेंगे। गौरतलब है कि आईडीबीआई बैंक में एलआईसी और भारत सरकार संयुक्त रूप से प्रवर्तक हैं। दोनों की कुल हिस्सेदारी 94.71 फीसदी है, जिसमें एलआईसी के पास 49 प्रतिशत से अधिक और सरकार के पास 45.48 प्रतिशत हिस्सेदारी है। आईडीबीआई बैंक देश के सार्वजनिक क्षेत्र के अग्रणी बैंकों में शुमार है और आकार के लिहाज से यह भारत का चौथा सबसे बड़ा बैंक माना जाता है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने इसे ‘अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक’ की श्रेणी में रखा है। सोमवार को बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) पर आईडीबीआई बैंक के शेयरों में मजबूती देखी गई। शेयर मूल्य 3.45 अंक यानी 4.01 प्रतिशत की तेजी के साथ बढ़कर 89.46 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया।