नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के दृष्टिकोण को समझे और उसका समर्थन करे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का भारत लंबे समय से शिकार रहा है, और इसी कारण विश्व बिरादरी को पाकिस्तान को आतंकवाद के वित्तपोषण पर निगरानी रखने वाली सूची (FATF ग्रे लिस्ट) में शामिल करना चाहिए।
खरगे ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद का पोषक है, जबकि भारत उसका पीड़ित। ऐसे में दोनों देशों को एक समान नहीं देखा जा सकता। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि “आतंक फैलाने वालों और आतंक से पीड़ित देशों को एक तराजू में नहीं तौला जा सकता।” अपने बयान में खरगे ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), एशियाई विकास बैंक (ADB) और विश्व बैंक से मिल रहे ऋण का दुरुपयोग भारत में आतंक फैलाने के लिए किया जाता है। उन्होंने चेताया कि इस तरह के आर्थिक सहयोग से पाकिस्तान का रक्षा खर्च और आतंकवाद को समर्थन देने की क्षमता बढ़ जाती है।
खरगे ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की हालिया गतिविधियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का आतंकवाद निरोधक समिति का उपाध्यक्ष और तालिबान प्रतिबंध समिति का अध्यक्ष बनाए जाना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह गलत सूचनाओं पर आधारित और पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत के प्रयासों से ही पाकिस्तान को पहले 2008, फिर 2012 और 2018 में एफएटीएफ ग्रे सूची में शामिल किया गया था। उन्होंने जोर दिया कि अब फिर से पाकिस्तान को इस सूची में डाला जाना चाहिए ताकि वह जवाबदेह बन सके।
खरगे ने कहा, “पाकिस्तान को उसके कर्मों के लिए जिम्मेदार ठहराना न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा और स्थिरता के लिए भी जरूरी है।” उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 9/11 के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में शरण मिली थी, और उसके अन्य प्रमुख साजिशकर्ता खालिद शेख मोहम्मद का भी संबंध पाकिस्तान से था। कांग्रेस अध्यक्ष ने अंत में कहा कि उनकी पार्टी एक जिम्मेदार विपक्षी दल के तौर पर सरकार से अपेक्षा करती है कि वह वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए ठोस और सशक्त कूटनीतिक कदम उठाएगी।