नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के कोयला लेवी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर से जुड़ी 2.66 करोड़ रुपये मूल्य की आठ अचल संपत्तियों को जब्त किया है। जब्त की गई संपत्तियों में भूखंड और आवासीय फ्लैट शामिल हैं।
ईडी के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार, ये संपत्तियां कोयला उगाही की अवैध वसूली और अन्य जबरन वसूली से प्राप्त धन से खरीदी गई थीं। एजेंसी ने बेंगलुरु पुलिस और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, रायपुर द्वारा दर्ज प्राथमिकी तथा कोयला उगाही से जुड़े मामले में आयकर विभाग की चार्जशीट के आधार पर जांच शुरू की थी। जांच में खुलासा हुआ है कि कुछ लोगों के एक संगठित समूह ने राज्य के वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों की कथित मिलीभगत से कोयले की ढुलाई करने वालों से 25 रुपये प्रति टन की दर से अवैध वसूली के लिए रैकेट खड़ा किया था। यह अवैध वसूली जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच की गई, जिसके जरिए करीब 540 करोड़ रुपये जुटाए गए।
ईडी के मुताबिक, जबरन वसूली से मिली नकदी का इस्तेमाल सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं को रिश्वत देने, चुनावी खर्चों और चल-अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया। अब तक इस मामले में 273 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त किया जा चुका है। इस घोटाले की जांच के दौरान ईडी ने अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही 35 आरोपियों के खिलाफ पांच अभियोजन शिकायतें विशेष न्यायालय में दायर की जा चुकी हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।
