
वाशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को दो बड़े खुलासे किए। पहला, उन्होंने स्पष्ट किया कि वेनेजुएला के प्रवासियों को निर्वासित करने के लिए अभी तक किसी आदेश पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। दूसरा, उन्होंने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शांति तो चाहते हैं, लेकिन समझौते के दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं।
वेनेजुएला निर्वासन पर क्या बोले ट्रंप?
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि 1798 के विदेशी शत्रु अधिनियम (Alien Enemies Act) को लागू करने के आदेश पर अभी तक उनके हस्ताक्षर नहीं हुए हैं। इस मुद्दे पर न्यायपालिका और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।
न्यायाधीश जेम्स बोसबर्ग ने हाल ही में चिंता जताई थी कि वेनेजुएला के प्रवासियों को बिना पूर्व सूचना के रातोंरात निर्वासित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि हस्ताक्षर गुप्त रूप से किए गए और प्रवासियों को जल्दबाजी में विमान में चढ़ाया गया। जब ट्रंप से इस पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि इस पर कब हस्ताक्षर किए गए, क्योंकि मैंने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।”
रूस-यूक्रेन शांति वार्ता पर ट्रंप का बयान
रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर ट्रंप ने कहा कि पुतिन शांति चाहते हैं, लेकिन जब उन्हें समझौते का ड्राफ्ट सौंपा गया, तो उन्होंने उस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।
ट्रंप ने दावा किया कि यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगी रूस की मंशा पर संदेह कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “पुतिन ने खुद कहा कि वह शांति चाहते हैं, लेकिन जब उन्हें औपचारिक रूप से समझौते का प्रारूप दिया गया, तो उन्होंने उस पर हस्ताक्षर नहीं किए।” ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि रूसी राष्ट्रपति नहीं चाहते कि यूक्रेन एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अस्तित्व में बना रहे।
अमेरिकी राजनीति और वैश्विक घटनाक्रम पर असर
ट्रंप के ये बयान अमेरिकी राजनीति और वैश्विक कूटनीति में नए विवाद खड़े कर सकते हैं। वेनेजुएला प्रवासियों का मुद्दा पहले से ही अमेरिका में राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है, और रूस-यूक्रेन शांति वार्ता को लेकर उनकी टिप्पणियों से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल मच सकती है।