नई दिल्ली। कांग्रेस ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नोएडा में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत को लेकर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि पानी से भरे एक बड़े गड्ढे में कार गिरने के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीमें युवक को बचाने में विफल रहीं, जिसके कारण उसकी जान चली गई।
कांग्रेस के अनुसार, यह घटना नोएडा के एक पॉश इलाके में हुई, जहां एक बिल्डर द्वारा खुदवाए गए गड्ढे में बारिश का पानी भर गया था। इसी गड्ढे में युवक की कार गिर गई। पार्टी का आरोप है कि यदि समय पर बचाव किया जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। कांग्रेस ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए प्रदेश की भाजपा सरकार से सवाल किया कि यह कैसी व्यवस्था है, जहां बचाव दल मौके पर तो पहुंचते हैं, लेकिन उनके पास आवश्यक उपकरण नहीं होते। पार्टी ने आरोप लगाया कि बचाव दल के पास युवक को पानी से बाहर निकालने के लिए जरूरी संसाधन नहीं थे।
कांग्रेस का दावा है कि गड्ढे में गिरने के बाद युवक ने हिम्मत जुटाकर किसी तरह कार की छत पर पहुंचकर अपने पिता को फोन किया और मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलने पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन कथित तौर पर पानी ठंडा होने का हवाला देकर किसी ने भी तत्काल बचाव प्रयास नहीं किया। पार्टी के अनुसार, युवक करीब दो घंटे तक मदद के लिए चिल्लाता रहा और अंततः दम तोड़ दिया।
कांग्रेस ने इस घटना को दुर्घटना नहीं, बल्कि “हत्या” करार देते हुए कहा कि यह भाजपा सरकार की लापरवाह और असंवेदनशील व्यवस्था का परिणाम है। पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ के पास ऐसे उपकरण नहीं थे, जिनसे युवक को समय रहते पानी से बाहर निकाला जा सकता था।
