नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन और सिफारिशों की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 तय की गई है। केंद्र सरकार ने इस संबंध में एक विज्ञप्ति जारी करते हुए सभी नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
पद्म पुरस्कार—पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री—देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में गिने जाते हैं। वर्ष 1954 से प्रारंभ इन सम्मानों की घोषणा प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस पर की जाती है। ये पुरस्कार कला, साहित्य, शिक्षा, चिकित्सा, समाज सेवा, विज्ञान, इंजीनियरिंग, खेल, लोक प्रशासन, व्यापार एवं उद्योग, सिविल सेवा आदि क्षेत्रों में विशिष्ट और असाधारण योगदान देने वालों को प्रदान किए जाते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जाति, लिंग, पेशे या पद के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता, और हर नागरिक पात्र है। हालांकि, चिकित्सकों और वैज्ञानिकों को छोड़कर अन्य सरकारी सेवकों, जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्यरत अधिकारियों, को पद्म पुरस्कारों के लिए पात्र नहीं माना गया है।
सरकार की मंशा है कि पद्म पुरस्कार को “पीपल्स पद्म” बनाया जाए। इसके तहत आम नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे समाज के ऐसे प्रतिभाशाली व्यक्तियों को नामांकित करें जो अपनी उत्कृष्ट सेवाओं और उपलब्धियों के बावजूद अनदेखे रह गए हों। महिलाओं, अनुसूचित जातियों, जनजातियों, दिव्यांगजनों और समाज के लिए नि:स्वार्थ सेवा करने वालों को विशेष रूप से प्राथमिकता देने की बात कही गई है। नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है, और इच्छुक व्यक्ति स्वयं को भी नामांकित कर सकते हैं। इस पहल के माध्यम से सरकार हर वर्ग से जुड़े असली नायकों को सम्मानित करने और उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत है।