
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर के रामगढ़ताल क्षेत्र स्थित एक होटल में आयोजित एक प्रमुख मीडिया समूह के कार्यक्रम ‘उत्सव अभिव्यक्ति’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिनके भीतर तानाशाही और अधिनायकवादी सोच है, वे प्रदेश में विकास को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहते।
बिना किसी का नाम लिए उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर आरोप लगाया कि वे केवल अपने और अपने परिवार के विकास तक ही सीमित रहीं। पूरे प्रदेश के समग्र विकास की उन्हें कोई चिंता नहीं थी, जिसका परिणाम यह हुआ कि उत्तर प्रदेश की जनता को पहचान के संकट से गुजरना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हुए, गरीब भूख से मरे और महिलाएं व व्यापारी असुरक्षा के माहौल में जीने को विवश थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता केवल परिवारवाद की राजनीति करते हैं और ‘सबका साथ, सबका विकास’ जैसी समावेशी सोच उन्हें स्वीकार नहीं है।
योगी आदित्यनाथ ने याद दिलाया कि इसी मानसिकता के लोगों ने 1975 में देश में आपातकाल लगाकर मीडिया पर सेंसरशिप थोप दी थी। आज भी ये लोग समय-समय पर मीडिया के खिलाफ फतवे जारी करते रहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश में सबके कल्याण का रास्ता खोला है। आज उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी को बीमारू राज्य और विकास में बाधा माना जाता था, लेकिन अब यह राज्य विरासत और विकास की शानदार यात्रा का प्रतीक बन चुका है।