राज्यपाल ने सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में कंप्यूटर लैब व वेबसाइट का किया उद्घाटन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को लखनऊ के अर्जुनगंज स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में नवनिर्मित कंप्यूटर लैब और विद्यालय की वेबसाइट का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कंप्यूटर लैब का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा अपनाने के लिए प्रेरित किया।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने विद्यालय को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने वाले सहयोगियों को स्मृति-चिह्न और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किए जाने पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किया गया योगदान सर्वोच्च दान है और ऐसे समाजसेवियों का सम्मान होना चाहिए।
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुत ‘बाल रामायण’ और ‘ब्रज की होली’ की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। उन्हें प्रारंभिक आयु से ही शिक्षा, संस्कार और अनुशासन देना विद्यालयों और परिवारों दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने भारतीय संस्कृति, परंपराओं, रामायण-महाभारत और ऋषि-मुनियों के वैज्ञानिक योगदान की जानकारी घरों में भी देने पर बल दिया।
राज्यपाल ने कहा कि आधुनिक शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ज्ञान आवश्यक है, लेकिन अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी संजोकर रखना उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
उन्होंने गुजरात में विद्या भारती के विद्यालयों में किए गए अपने अनुभव साझा किए और शिक्षकों को बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उनका कहना था कि सच्चा जीवन वही है, जो दूसरों का हाथ पकड़कर उन्हें आगे बढ़ाए।
बालगृहों की स्थिति पर चिंता जताते हुए राज्यपाल ने बताया कि लखनऊ स्थित बालगृह को जन भवन द्वारा गोद लिया गया है, जहां बच्चों की शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने परिवारों से आत्मचिंतन करने और बेटा-बेटी में समान व्यवहार अपनाने की अपील की।
उन्होंने अभिनेता आशुतोष राणा की कैकेयी पर आधारित पुस्तक का उल्लेख करते हुए कहा कि हर निर्णय के पीछे गहन सोच और व्यापक दृष्टिकोण हो सकता है। नारी शक्ति विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, आत्मविश्वास और दूरदर्शिता का उदाहरण प्रस्तुत करती है।
राज्यपाल ने बताया कि जन भवन में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की एक विशेष प्रदर्शनी बस एक सप्ताह तक उपलब्ध रहेगी, जिसके माध्यम से अंतरिक्ष कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को इसका अवलोकन करने के लिए आमंत्रित किया। साथ ही, जन भवन परिसर में निर्माणाधीन आदर्श माध्यमिक विद्यालय के मार्च में प्रस्तावित उद्घाटन और स्पेस लैब के शुभारंभ की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ बनाने हेतु छह किट वितरित की गईं। राज्यपाल ने जन भवन की ओर से पुस्तकें भेंट कीं और विद्यालय की वार्षिक पत्रिका का विमोचन भी किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय, प्रदेश निरीक्षक रामजी सिंह, निदेशक कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान डॉ. मदन लाल ब्रह्म भट्ट, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रविंद्र प्रताप सिंह, विद्यालय अध्यक्ष अखिलेश शुक्ला सहित शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक उपस्थित रहे।
