नई दिल्ली। पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने पेंशन फंडों के पंजीकरण की प्रक्रिया को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य पेंशन फंड प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, मजबूत और सुव्यवस्थित बनाना है। पीएफआरडीए के अनुसार, पेंशन फंडों का पंजीकरण दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में पात्र प्रायोजक पेंशन फंड स्थापित करने के लिए आवेदन करेंगे, जिसके आधार पर उनकी योग्यता का आकलन कर चयन किया जाएगा। दूसरे चरण में चयनित प्रायोजक पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए आवेदन करेंगे।
दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि प्रायोजक कंपनी को जिस पेंशन फंड की स्थापना की जाएगी, उसमें अपनी कुल चुकता पूंजी का न्यूनतम 20 प्रतिशत निवेश करना अनिवार्य होगा। संयुक्त उपक्रम (जॉइंट वेंचर) को भी पेंशन फंड स्थापित करने के लिए आवेदन करने की अनुमति दी गई है। पेंशन फंड पंजीकरण के लिए आवेदन शुल्क 10 लाख रुपये निर्धारित किया गया है, जिस पर लागू कर और अन्य शुल्क अलग से देय होंगे।
पात्रता मानदंड के तहत आवेदक को इक्विटी और डेट फंड प्रबंधन में कम से कम पांच वर्ष का अनुभव होना चाहिए। इसके अलावा, पिछले पांच वित्त वर्षों में न्यूनतम 50 करोड़ रुपये की नेटवर्थ और आवेदन की तिथि पर कम से कम 25 करोड़ रुपये की चुकता पूंजी होना अनिवार्य किया गया है। आवेदक का भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) या भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) द्वारा विनियमित वित्तीय संस्था होना भी जरूरी है। पीएफआरडीए ने यह भी शर्त रखी है कि प्रायोजक को पिछले पांच वित्त वर्षों में से कम से कम तीन वर्षों में कर पश्चात लाभ हुआ हो और इस अवधि में किसी भी वर्ष नकदी घाटा न हुआ हो। साथ ही, पिछले 12 महीनों में कंपनी द्वारा प्रबंधित औसत परिसंपत्ति (एयूएम) कम से कम 50,000 करोड़ रुपये होनी चाहिए।
दिशा-निर्देशों के अनुसार, वाणिज्यिक बैंक भी पेंशन फंड स्थापित करने के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, बैंकों के मामले में 20 प्रतिशत स्व-निवेश की शर्त लागू नहीं होगी। बैंकों के लिए न्यूनतम बाजार पूंजीकरण एक लाख करोड़ रुपये और कुल परिसंपत्ति पांच लाख करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसके अलावा, पिछले तीन वित्त वर्षों में बैंक का लगातार लाभ में होना और उसकी शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) चार प्रतिशत से अधिक न होना अनिवार्य होगा।
