
प्रयागराज । बॉलीवुड के प्रसिद्ध फिल्म निर्माता, निर्देशक और पटकथा लेखक अनुराग कश्यप के खिलाफ प्रयागराज में जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ। ब्राह्मण समाज पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में सुभाष चौराहे पर उनका पुतला फूंका गया।
ब्राह्मण समाज अधिवक्ता संघ इकाई के सदस्यों ने विरोध करते हुए कहा कि अनुराग कश्यप को बार-बार ब्राह्मण समाज के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल बंद करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि एक जिम्मेदार फिल्म निर्माता को समाज की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए, क्योंकि दर्शक ही किसी फिल्म को सफल बनाते हैं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता आशीष तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी वर्ग, धर्म या जाति का व्यक्ति ब्राह्मण समाज पर अभद्र टिप्पणी करेगा, तो उसे इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यदि अनुराग कश्यप प्रयागराज आएंगे तो उन्हें विरोध का सामना करना पड़ेगा, जिसे वह भूल नहीं पाएंगे।
तिवारी ने आगे बताया कि महाराष्ट्र समेत देश के अन्य हिस्सों में भी अनुराग कश्यप के खिलाफ विरोध शुरू हो गया है। उन्होंने मांग की कि यदि कश्यप ने सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी तो विरोध और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अनुराग कश्यप ने अपनी फिल्म फुले के प्रचार के लिए किए गए एक इंस्टाग्राम पोस्ट में ब्राह्मण समाज के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, जो स्पष्ट रूप से “हेट स्पीच” की श्रेणी में आता है। उनके अनुसार, यह पब्लिसिटी पाने के लिए किया गया एक निंदनीय प्रयास है।वेदांत वैदिक सेवा केंद्र की पंडित सुमन शर्मा ने महाराष्ट्र सरकार से अनुराग कश्यप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज एक पुण्यभूमि है और यहां की जनता ऐसे बयानों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
गौरतलब है कि अनुराग कश्यप की आने वाली फिल्म फुले, जिसमें प्रतीक गांधी और पत्रलेखा मुख्य भूमिकाओं में हैं, पर जातिवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगे हैं। इस विवाद के बीच कश्यप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से ब्राह्मण समाज पर कटाक्ष किया, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया। एक यूजर की पोस्ट पर जवाब देते हुए उन्होंने पुनः आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी, जिससे विरोध और भड़क गया।