
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी देश की एकमात्र ऐसी पार्टी है, जो आर्थिक रूप से गरीब कार्यकर्ताओं की खून-पसीने की कमाई पर निर्भर करती है। इसके विपरीत, अन्य राजनीतिक दल बड़े पूंजीपतियों और धनाढ्य वर्ग के सहयोग से अपनी गतिविधियां संचालित करते हैं। मायावती ने कहा कि वर्ष 2023-24 में विभिन्न राजनीतिक दलों को मिले चंदे के आंकड़े इस सच्चाई को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।
भाजपा, बीआरएस और कांग्रेस पर निशाना
मायावती ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि 2023-24 में चंदा जुटाने के मामले में भाजपा पहले स्थान पर रही, बीआरएस दूसरे और कांग्रेस तीसरे स्थान पर। इन दलों को करोड़ों रुपये का चंदा मिला, जबकि बसपा ऐसी पार्टी है जो अपने गरीब कार्यकर्ताओं के योगदान से ही संचालित होती है।
कांग्रेस की नीतियों पर सवाल
मायावती ने कांग्रेस की नीतियों और आचरण पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह पार्टी पूंजीपतियों का विरोध करने का दिखावा करती है और संसद में बाधा उत्पन्न करती है, लेकिन उन्हीं धनाढ्य वर्गों से आर्थिक सहयोग लेकर पार्टी चलाती है। सरकार में आने पर ये दल बड़े उद्योगपतियों और पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का काम करते हैं।
आंबेडकर और दलित समुदाय के प्रति उपेक्षा का आरोप
मायावती ने कांग्रेस पर बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और उनके अनुयायियों की उपेक्षा और तिरस्कार करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस दलित वोट बैंक को साधने के लिए छलपूर्ण राजनीति करती है, लेकिन वास्तविकता में उनके कल्याण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाती। मायावती ने लोगों से अपील की कि वे ऐसी राजनीति और दलों से सतर्क रहें।