
सैन फ्रांसिस्को। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि भारत तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है, और इस बदलाव का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि भारतीय महिलाएं भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। वे अमेरिका दौरे के दौरान स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के हूवर इंस्टीट्यूशन में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।
महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कई कदम
सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष आग्रह पर कामकाजी महिलाओं को मातृत्व अवकाश की अवधि को छह महीने तक बढ़ा दिया गया है। यह कदम महिला कर्मचारियों के स्वास्थ्य और पारिवारिक ज़िम्मेदारियों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
बचत को प्रोत्साहन
उन्होंने बताया कि दो साल पहले सरकार ने एक योजना शुरू की थी, जिसमें महिलाओं की जमा पूंजी पर ब्याज दर को बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत कर दिया गया। इसका उद्देश्य महिलाओं को अपनी बचत घर पर नकदी के रूप में रखने के बजाय बैंकों में जमा करने के लिए प्रोत्साहित करना था।
संपत्ति और पोषण में भी प्राथमिकता
वित्त मंत्री ने कहा कि महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीकरण में सरकार कर में रियायतें देती है। इसके अलावा, पोषण योजनाओं के तहत गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को विशेष देखभाल दी जाती है, ताकि उनकी पोषण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति हो सके।
पीएम आवास योजना में महिलाओं की भागीदारी
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जा रहे पक्के घरों का पंजीकरण, या तो महिलाओं के नाम पर या फिर पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर किया जा रहा है। यह महिलाओं को संपत्ति में भागीदार बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।
भारत और उसकी महिलाएं बदल रही हैं
कार्यक्रम के अंत में सीतारमण ने कहा:
“भारत बदल रहा है और भारतीय महिलाएं भी। आज महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक सशक्तिकरण और संपत्ति के स्वामित्व के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। सरकार उनके विकास के लिए लगातार नीतिगत निर्णय ले रही है।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक मंचों पर महिलाओं के सशक्तिकरण को एक प्रमुख एजेंडा बना रहा है।