
महाकुंभ में मौनी अमावस्या से पहले दिखा आस्था का सैलाब
रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप और हाईवे पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़
मौनी अमावस्या पर 8 से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम स्नान का अनुमान
महाकुंभ नगर। महाकुंभ के दूसरे अमृत स्नान पर्व, मौनी अमावस्या को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। प्रयागराज और मेला क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं के स्नान को सुगम बनाने और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रबंधन किया गया है। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालु जिस दिशा से आएं, उसी दिशा में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित करें। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, मेला क्षेत्र के सभी 30 पांटून पुलों को बंद कर दिया गया है।
अब तक लाखों श्रद्धालुओं ने किया स्नान
मेला प्रशासन के अनुसार, मंगलवार दोपहर 12 बजे तक 10 लाख कल्पवासी और 1.78 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। मकर संक्रांति से 27 जनवरी तक कुल 14.76 करोड़ श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं।
नो व्हीकल जोन और विशेष प्रबंधन
श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन के लिए प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया है। किसी भी वाहन को क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं है। संगम तटों पर बैरिकेडिंग का काम तेज गति से पूरा किया जा रहा है।
आईसीसीसी के जरिए भीड़ पर नजर
भीड़ के कुशल प्रबंधन के लिए इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईसीसीसी) को सक्रिय कर दिया गया है। संगम नोज और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है। अराजक तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पार्किंग और दिशासूचक बोर्ड की व्यवस्था
श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए सभी पार्किंग क्षेत्रों को चालू कर दिया गया है। ट्रैफिक योजना के तहत पार्किंग क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर वाहनों को खड़ा कराया जा रहा है। साथ ही, 2000 से अधिक दिशासूचक बोर्ड लगाए गए हैं ताकि श्रद्धालु सही दिशा में आसानी से पहुंच सकें।
भीड़ का सैलाब
मौनी अमावस्या से एक दिन पहले ही महाकुंभ में भारी भीड़ उमड़ने लगी है। हर दिशा से श्रद्धालु संगम की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप और हाईवे पर श्रद्धालुओं की भारी संख्या देखी जा रही है। मौनी अमावस्या पर 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।