
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता एवं सांसद राहुल गांधी ने दिल्ली में यमुना नदी की स्थिति का जायजा लेने के लिए दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों, नाव चालकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं के साथ पैदल और नाव से यात्रा कर नदी की वास्तविक दशा को समझने की कोशिश की। उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि यमुना की यह दुर्दशा क्यों और कैसे हुई है। राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “अगर आप भी मेरी तरह दिल्ली के निवासी हैं, तो यमुना की यह स्थिति देखकर तकलीफ जरूर होती होगी।” उन्होंने बताया कि दौरे के दौरान उन्होंने यमुना के किनारे रहने वाले लोगों, नाविकों और पर्यावरणविदों से चर्चा की और उनकी समस्याओं को समझा।
“राहुल गाँधी ने कहा कि यमुना में अब सिर्फ कचरा, गंदगी, दुर्गंध और सीवेज ही बचा है। शोधकर्ताओं का कहना है कि नदी के स्वच्छ पानी को सीवेज ट्रीटमेंट के लिए निकाल लिया जाता है और गंदा पानी वापस नदी में छोड़ दिया जाता है। पहले यहां श्रद्धालु डुबकी लगाने आते थे, लेकिन अब कुछ ही लोग अपनी सेहत को जोखिम में डालकर ऐसा करते हैं।” उन्होंने दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बार-बार यमुना को साफ करने के वादे किए, लेकिन हकीकत यह है कि स्थिति और बदतर हो गई है। उन्होंने कहा, “केजरीवाल कहते थे कि वे यमुना को साफ करेंगे, इसमें डुबकी लगाएंगे, वरना वोट मत देना। लेकिन आज भी वे सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप करते हुए यमुना के गंदे पानी की बोतल लेकर खड़े हैं।”
राहुल गांधी ने भाजपा और आम आदमी पार्टी, दोनों सरकारों को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “यमुना की यह भयावह स्थिति मोदी और केजरीवाल सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार के संगम का नतीजा है। यह सिर्फ यमुना का नहीं, बल्कि दिल्ली की जनता के जीवन के साथ किया जा रहा खिलवाड़ है।” उन्होंने कहा कि यमुना को बचाने के लिए ठोस कार्रवाई की जरूरत है, न कि खोखले वादों और बयानबाजी की।