
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.3 से 6.8 फीसदी रहने का अनुमान
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को बजट सत्र के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 प्रस्तुत किया। संसद में राष्ट्रपति के संयुक्त अभिभाषण के बाद लोकसभा की कार्यवाही 1 फरवरी को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। वित्त मंत्री शनिवार को केंद्रीय बजट 2025-26 पेश करेंगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल का केंद्रीय बजट पेश होने से पहले, संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 प्रस्तुत किया गया। इस सर्वेक्षण में मौजूदा वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन का आकलन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर 6.3 से 6.8 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। इसके अलावा, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में 11 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना जताई गई है, जिससे यह 10.62 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
आर्थिक सर्वेक्षण देश की आर्थिक स्थिति का वार्षिक आकलन प्रस्तुत करता है और इसके साथ ही आगामी चुनौतियों को भी रेखांकित करता है। यह सरकार द्वारा केंद्रीय बजट से पहले पेश किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो अर्थव्यवस्था की समीक्षा और भावी सुधारों की रूपरेखा प्रदान करता है। इस सर्वेक्षण को मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंथा नागेश्वरन के नेतृत्व में आर्थिक मामलों के विभाग के आर्थिक प्रभाग ने तैयार किया है।
गौरतलब है कि भारत में पहला आर्थिक सर्वेक्षण 1950-51 में प्रस्तुत किया गया था। प्रारंभ में, यह बजट दस्तावेज का हिस्सा हुआ करता था, लेकिन 1960 के दशक में इसे केंद्रीय बजट से अलग कर दिया गया और तब से इसे बजट से एक दिन पहले पेश किया जाने लगा।