
ढाका। बांग्लादेश के अंतरिम सलाहकार सरकार के मुख्य सलाहकार डॉ. मोहम्मद यूनुस ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के दौरान हुए मानवाधिकार उल्लंघनों का व्यापक दस्तावेजीकरण करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। यूनुस ने यह टिप्पणी रविवार को संयुक्त राष्ट्र के स्थानीय समन्वयक ग्विन लुईस और वरिष्ठ मानवाधिकार सलाहकार हुमा खान के साथ चर्चा के दौरान की। यह बैठक राज्य अतिथि गृह जमुना में आयोजित हुई।
मानवाधिकार हनन के मामलों की जांच पर जोर
ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, यूनुस ने शापला चत्तर में प्रदर्शनकारियों पर की गई हिंसक कार्रवाई, डेलवर हुसैन सईदी के खिलाफ फैसले के बाद पुलिस की बर्बरता और गैर-न्यायिक हत्याओं जैसे मामलों पर विशेष रूप से चर्चा की। उन्होंने कहा कि **देश के लोगों के खिलाफ किए गए सभी अत्याचारों का उचित दस्तावेजीकरण बेहद आवश्यक है, क्योंकि इसके बिना न्याय सुनिश्चित करना मुश्किल होगा।
संयुक्त राष्ट्र के समन्वयक ग्विन लुईस ने यूनुस को आश्वासन दिया कि संयुक्त राष्ट्र बांग्लादेश को इन उल्लंघनों का दस्तावेजीकरण करने की तकनीकी सहायता देने के लिए तैयार है। यूनुस ने इस समर्थन के लिए संयुक्त राष्ट्र का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के लिए एक सकारात्मक कदम है।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट और बांग्लादेश की स्थिति
लुईस ने यूनुस को बताया कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क 5 मार्च को मानवाधिकार परिषद के 55वें सत्र में सदस्य देशों को इस रिपोर्ट के निष्कर्षों से अवगत कराएंगे।
उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की 13 से 16 मार्च तक प्रस्तावित बांग्लादेश यात्रा रोहिंग्या संकट पर वैश्विक ध्यान आकर्षित करेगी। लुईस ने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए खाद्य आपूर्ति और अन्य बुनियादी जरूरतों को बनाए रखने के लिए प्रति माह 15 मिलियन डॉलर की आवश्यकता होगी।