
मुंबई । कारोबार के अंतिम समय में उतार-चढ़ाव से घरेलू शेयर बाजार में हल्की बढ़त रही और बीएसई सेंसेक्स 44 अंक के लाभ के साथ बंद हुआ। बढ़ती मुद्रास्फीति के साथ मौद्रिक नीति को और सख्त किए जाने की आशंका में बाजार में चिंता रही। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 44.42 अंक यानी 0.07 प्रतिशत के लाभ के साथ 61,319.51 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 407.16 अंक तक उछल गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 20 अंक यानी 0.11 प्रतिशत बढक़र 18,035.85 अंक पर बंद हुआ। सेंसक्स के शेयरों में टेक महिंद्रा सबसे ज्यादा 5.58 प्रतिशत के लाभ में रहा।
इसके अलावा नेस्ले इंडिया, टाटा स्टील, एनटीपीसी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एशियन पेंट्स, विप्रो और बजाज फिनसर्व भी लाभ में रहे। दूसरी तरफ नुकसान में रहने वाले शेयरों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एक्सिस बैंक और बजाज फाइनेंस शामिल हैं। कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी शोध प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा, अत्यधिक उतार-चढ़ाव के बीच बाजार मामूली बढ़त में रहा। हाल के दिनों में अडाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में गिरावट को देखते हुए ऐसा लगता है कि कारोबारी सतर्क रुख अपना रहे हैं। उन्होंने कहा, मुद्रास्फीति में फिर से तेजी देखी जा रही है, इससे विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा नीतिगत दर में वृद्धि जारी रखे जाने की आशंका है। इससे आर्थिक वृद्धि के साथ धारणा प्रभावित हो सकती है। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, आईटी शेयरों की अगुवाई में वैश्विक बाजार में तेजी का असर घरेलू बाजार पर दिखा। वहीं अप्रत्याशित लाभ कर में कटौती से तेल खोज और उत्पादन कंपनियां लाभ में रहीं। अमेरिका में रोजगार और खुदरा बिक्री के मजबूत आंकड़े अर्थव्यवस्था में मजबूती को दर्शाते हैं। हालांकि, मुद्रास्फीति चिंता का कारण बनी हुई है।
मौद्रिक नीति को और सख्त किए जाने की आशंका से तेजी पर अंकुश लगा। सरकार ने डीजल और एटीएफ के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर में कटौती की है। इसके साथ ही घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर भी उपकर को कम कर दिया गया है। घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर उपकर को 5,050 रुपए प्रति टन से घटाकर 4,350 रुपए प्रति टन कर दिया गया है। डीजल के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर को भी 7.5 रुपए से घटाकर 2.5 रुपए प्रति लीटर कर दिया है। इसी तरह विमान ईंधन एटीएफ के निर्यात पर कर को छह रुपए प्रति लीटर से घटाकर 1.50 रुपए प्रति लीटर कर दिया है। एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग लाभ में जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट नुकसान में रहा।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में तेजी का रुख था। अमेरिकी बाजार बुधवार को लाभ में रहे थे। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.35 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85.08 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने बुधवार को 432.15 करोड़ रुपए मूल्य के शेयर खरीदे।
अडाणी समूह की छह कंपनियों के शेयरों में बढ़त
व्यापक बाजार में जारी उथलपुथल के बीच अडाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में बृहस्पतिवार को मिला-जुला रुख देखने को रहा। बीएसई पर समूह की 10 सूचीबद्ध कंपनियों में से छह के शेयर जहां बढ़त के साथ बंद हुए वहीं चार के शेयर नुकसान में रहे। अडाणी विल्मर के शेयर में पांच प्रतिशत, एनडीटीवी में 4.99 प्रतिशत, अडाणी पावर में 4.97 प्रतिशत, अडाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड में 1.45 प्रतिशत, अडाणी एंटरप्राइजेज में एक प्रतिशत और अंबुजा सीमेंट में 0.99 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। दूसरी तरफ, अडाणी टोटल गैस के शेयर में पांच प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि अडाणी ट्रांसमिशन में 4.93 प्रतिशत का नुकसान देखा गया।
अडाणी ग्रीन एनर्जी 0.69 प्रतिशत और एसीसी 0.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। एक दिन पहले समूह की अधिकांश कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए थे। बृहस्पतिवार को भी सुबह के सत्र में इनमें खासी तेजी देखी गई लेकिन सत्र आगे बढऩे पर वे सुस्ती के शिकार हो गए। अमेरिकी निवेश शोध फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट में अडाणी समूह पर शेयरों के दाम गलत तरीके से बढ़ाने के आरोप लगने के बाद से इनमें भारी गिरावट देखी गई है। पिछले तीन सप्ताह में समूह की कंपनियों का बाजार मूल्यांकन 125 अरब डॉलर तक नीचे आ चुका है। हालांकि, अडाणी समूह ने धोखाधड़ी के आरोपों को गलत बताते हुए कहा है कि हिंडनबर्ग ने गलत मंशा से ये आधारहीन आरोप लगाए हैं।