
मुंबई। महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनों सदनों में सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विधानसभा में अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, जबकि विधान परिषद में सभापति राम शिंदे ने डॉ. सिंह के निधन पर शोक प्रस्ताव पेश किया।
भारतीय अर्थव्यवस्था के निर्माता
विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने शोक प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह एक प्रख्यात अर्थशास्त्री और विद्वान थे, जिन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अध्यापन किया। उन्होंने भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार, योजना आयोग के सदस्य सचिव, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दीं।
उन्होंने कहा कि 1991 में वित्त मंत्री के रूप में डॉ. सिंह ने भारतीय अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार किए, जिससे आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत हुई और देश को वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ। उनकी नीतियों ने विदेशी निवेश को प्रोत्साहित किया और व्यापार एवं उद्योग को नई दिशा दी।
प्रधानमंत्री के रूप में ऐतिहासिक निर्णय
विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी उल्लेख किया कि डॉ. मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रित्व काल में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (नरेगा), सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम, शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, खाद्य सुरक्षा अधिनियम और भूमि अधिग्रहण अधिनियम लागू किए गए। उनकी सरकार ने सामाजिक कल्याण और आर्थिक सुधारों के क्षेत्र में कई अहम फैसले लिए।
डॉ. मनमोहन सिंह को अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। शोक प्रस्ताव के बाद विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, अजीत पवार सहित अन्य नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।