
मुंबई। वैश्विक बाजारों में मजबूती के संकेतों के बावजूद घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को चौतरफा मुनाफावसूली की चपेट में आ गए, जिससे निवेशकों में बेचैनी देखी गई और प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई का सेंसेक्स तीन कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद 872.98 अंक यानी 1.06% की गिरावट के साथ 81,186.44 अंक पर आ गया, जिससे यह एक बार फिर 82 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया। वहीं, एनएसई का निफ्टी भी 261.55 अंक यानी 1.05% लुढ़ककर 24,683.90 अंक पर बंद हुआ।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव दिखा।
- बीएसई मिडकैप इंडेक्स 1.65% गिरकर 44,385.27 अंक पर बंद हुआ।
- स्मॉलकैप इंडेक्स 0.96% की कमजोरी के साथ 50,938.03 अंक पर रहा।
कारोबारी विश्लेषकों के मुताबिक, हाल के तेजी के रुझान के बाद ऊंचे स्तरों पर निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। वहीं, आगामी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक संकेतों को लेकर सतर्कता का माहौल भी रहा, जिससे बाजार दबाव में आया।