पेट्रोल में 20 फीसदी से ज्यादा इथेनॉल मिलाने की फिलहाल योजना नहीं : हरदीप पुरी


ई-20 ईंधन को लेकर फैल रही गलत सूचनाओं को केंद्रीय मंत्री ने बताया मनगढ़ंत कहानी

नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया है कि सरकार की फिलहाल पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण की मात्रा 20 फीसदी से अधिक बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने ई-20 ईंधन को लेकर फैल रही कथित भ्रामक सूचनाओं पर भी चिंता जताई और कहा कि इस संबंध में गलत जानकारी प्रसारित की जा रही है।

हरदीप सिंह पुरी मंगलवार को गोवा में आयोजित 29वें ‘एनर्जी टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन मीट’ (ईटीएम-2026) के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आयातित कच्चे तेल पर देश की निर्भरता घटाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा देना इसी रणनीति का हिस्सा है, क्योंकि कच्चे तेल का आयात देश के चालू खाते के घाटे को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में से एक है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में ई-20 ईंधन की शुरुआत हो चुकी है। इसमें 20 फीसदी इथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल का मिश्रण होता है। उन्होंने कहा कि इस ईंधन का उपयोग उसके अनुरूप तैयार किए गए वाहनों में किया जाता है।

ई-20 से सरकार को 1.60 लाख करोड़ रुपये की बचत का दावा

पुरी ने कहा कि ई-20 पेट्रोल की शुरुआत से केंद्र सरकार को लगभग 1.60 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है। उनके मुताबिक, इसमें से करीब 1.40 लाख करोड़ रुपये किसानों को दिए गए। उन्होंने कहा कि इथेनॉल उत्पादन के माध्यम से किसानों की भूमिका कृषि उपज उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में भी योगदान दे रहे हैं। इस तरह किसान अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता भी बन रहे हैं।

ई-20 ईंधन से इंजन को नुकसान के दावों पर दी सफाई

ई-20 ईंधन के इस्तेमाल से वाहन चालकों को होने वाली कथित समस्याओं के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मिश्रित ईंधन के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले टैंकरों से जुड़ी कुछ दिक्कतें रही होंगी। उन्होंने बताया कि इन टैंकरों का इस्तेमाल अन्य वस्तुओं के परिवहन के लिए भी किया जाता था।

इंजन को नुकसान पहुंचने संबंधी आरोपों पर पुरी ने कहा कि इस तरह का दावा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ संबंधित वाहन निर्माता ने मामला दर्ज कराया है। उन्होंने ई-20 ईंधन को लेकर फैल रही आशंकाओं को मनगढ़ंत कहानी करार दिया।

केंद्रीय मंत्री ने अपने पक्ष में तर्क देते हुए कहा कि देशभर में प्रतिदिन करीब छह करोड़ वाहन ईंधन भरवाने के लिए पेट्रोल पंपों पर पहुंचते हैं। यदि ई-20 ईंधन से बड़े पैमाने पर इंजनों को नुकसान हो रहा होता, तो सड़कों पर जगह-जगह वाहन खराब होकर खड़े दिखाई देते। उन्होंने दोहराया कि फिलहाल पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण की मात्रा 20 फीसदी से अधिक करने का कोई प्रस्ताव नहीं है और इस मुद्दे पर फैलाई जा रही गलत सूचनाओं से बचने की जरूरत है।


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